हमारे संबंध में
नीपको, भारत के पूर्वोत्तर और इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में 1976 से एक विश्वसनीय बिजली उत्पादन कंपनी है जो विद्युत मंत्रालय और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ मिलकर इस क्षेत्र और देश की विशाल विद्युत शक्यता के दोहन के साथ-साथ उनके सर्वोत्तम हित के लिए कार्य करता है।
विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विद्युत स्टेशनों की योजना, अन्वेषण, डिजाइन, निर्माण, उत्पादन, संचालन व रखरखाव के लिए 1976 में गठित नीपको को एक स्ड्यूल्ड “ए” – मिनी रत्न श्रेणी – I सीपीएसयू का दर्जा प्राप्त है एवं कुल अधिष्ठापित क्षमता 2057 मेगावाट के साथ यह 06 जल, 03 ताप तथा 01 सौर ऊर्जा स्टेशनों का परिचालन करता है। नीपको के पास 600 मेगावाट ( 4X 150 मेगावाट) की एक कामेंग जल-विद्युत परियोजना निमार्णाधीन है, यूनिट-। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 17.06.2020 के 00:00 बजे तथा यूनिट-।। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 01.07.2020 के 00:00 बजे से घोषित किया गया , यूनिट-।II (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 22.01.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया और यूनिट- IV (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 12.02.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया I
मेघालय की राजधानी शिलांग में कॉरपोरेट कार्यालय स्थित होने के साथ नीपको के पास निर्माण और संचालन संबंधित गतिविधियों का विशेष अनुभव है तथा हमारा मानव संसाधन पर्यावरण पर न्यूनतम प्रतिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हम गौरवान्वित हैं कि
2057मेगावाटस्थापित क्षमता
10 पावर प्लांट्स
1400 से अधिक कर्मचारी
दृष्टि
सशक्त पर्यावरण जागरूकता के साथ देश की एक अग्रणी एकीकृत विद्युत ऊर्जा कंपनी बनना।
लक्ष्य
उद्देश्य
- पूर्वोत्तर क्षेत्र में सतत विकास हेतु विशाल जल एवं ताप ऊर्जा शक्यता का जिम्मेदारी पूर्वक दोहन।
- उदारीकरण तथा वैश्वीकरण पर्यावरण में प्रतिस्पर्धात्मक होना।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना ताकि लोगों के जीवन की गुणवत्ता, संपन्नता को बढ़ाया जा सके।
- अवसंरचना, चिकित्सा, शिक्षा आदि की सुविधा उपलब्ध करना तथा लाभप्रद अवसर के वातावरण का सृजन करना।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा भारत की विद्युत आवश्यकता को पूरा करना।
- आस-पास के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।
- मानव संसाधनों का विश्व-स्तर पर विकास करना।