नीपको की आर एंड आर पैकेज स्वीकृत

II) आर एंड आर पैकेज की महत्वपूर्ण विशेषताएँ नीपको की विभिन्न परियोजनाओं के हेतु निम्नलिखित है :-

क) कामेंग जल विद्युत परियोजना

  • निवास के लिए भूमि – घर निर्माण हेतु प्रति परिवार @ 0.02 हेक्टेयर भूमि ।
  • 99 परियोजना प्रभावित लोगों के लिए घर का निर्माण (50 वर्ग मीटर प्लीन्थ एरिया के हिसाब से प्रति परियोजना प्रभावित लोगो के लिए ) ।
  • सभी 99 परियोजना प्रभावित लोगों 7.5 वर्ग मीटर के हिसाब से अन्न भंडार का निर्माण ।
  • सभी 99 परियोजना प्रभावित लोगों के लिए 40 वर्ग मीटर की हिसाब से मवेशी/मुर्गी शेड का निर्माण ।
  • कृषि भूमि का 1.50 हेक्टेयर और बागवानी भूमि का 1 हेक्टेयर भूमि प्रत्येक परियोजना प्रभावित लोगों के लिए ।
  • भूमि विकास - 45 हेक्टेयर सीढ़ीदार खेतों के लिए एवं 238.5 हेक्टेयर भूमि विकास हेतु ।
  • प्रत्येक परियोजना प्रभावित लोगों के लिए रु. 3500/- का परिवहन/विस्थापन अनुदान ।
  • प्रत्येक परियोजना प्रभावित लोगों हेतु 12 महीनों के लिए पीएएफ प्रति रु.2,500/- का पुनर्वास अनुदान
  • प्रशिक्षण सुविधाएं- वर्णसंकर गायों के रखरखाव, बेहतर सूअरों के रखरखाव, बत्तख, बकरी पालन, बुनाई और डिजाइनिंग, हस्तशिल्प, मशरूम की खेती हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम ।
  • आर्थिक पुनर्वास:
    • रु.2,000/- प्रति परिवार कृषि रोपण सामग्री हेतु ।
    • रु.1,500/- - प्रति परिवार बागवानी रोपण सामग्री हेतु ।
    • 25 परिवारों के लिए रु. 30,000 / - (प्रति परिवार) के हिसाब से 2 वर्ण संकर गायों के लिए ।
    • मुर्गी पालन हेतु प्रत्येक परियोजना प्रभावित लोगों के लिए रु.75/- के हिसाब से 10 लेयर ।
  • निपटान साइट में बुनियादी सुविधाएं एवं ढांचागत सुविधाएं - आवास के लिए आर&आर साइट का योजना एवं विकास और इस तरह के अन्य नागरिक सुविधाएं जैसे सड़क, जल निकासी, पानी, बिजली, स्वच्छता आदि , सामुदायिक भवन की साफ-सफाई आदि का निर्माण, साफ-सफाई और सीवरेज, धार्मिक पूजा घर, पोस्ट ऑफिस, पंचायत घर, स्कूल, उचित मूल्य की दुकान, बाजार, खेल का मैदान, पशु चिकित्सा सेवाएं, नि: शुल्क उपचार और इस परियोजना में विस्थापितों के लिए दवा ।

कामेंग जलविद्युत परियोजना (अरुणाचल प्रदेश) के आर एण्ड आर गतिविधियों की स्थिति:

  • ज्ञापन संख्या पीक्यूआरएस/ ए-465/98 / 2214-25 दिनांक ईटानगर, 8 सितम्बर 2006 के तहत, अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ पश्चिमी कामेंग जिला के उपायुक्त, अध्यक्ष मिलकर आवश्यकतानुसार आर & आर समिति का गठन किया ।
  • जिला प्राधिकरण के माध्यम से 3 (तीन) वर्ष की अवधि में आर एंड आर योजना क्रियान्वित किया जा रहा है एवं नीपको, कार्य की प्रगति के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से फंड रिलीज करती है ।
  • कार्यों की स्थिति संक्षिप्त में नीचे है :
  • कार्यान्वयन के लिए आवश्यक भूमि, बिचोम एवं यायुंग गाँव (परियोजना प्रभावित लोगों के लिए) के ग्रामीणों के साथ परामर्श के पश्चात तय किया गया ।
  • आर एंड आर समिति की प्रथम बैठक उपायुक्त (डीसी), वेस्ट कामेंग जिला के सभागार कक्ष में 25 अक्टूबर, 2007 को आयोजित किया गया ।
  • दिसंबर 2010 में, डीएचपीडी एवं नीपको के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप में मिलकर आर & आर प्रभावित परिवार हेतु भूमि का सर्वेक्षण किया गया । आर&आर योजना के नोडल/ निष्पादन एजेंसी के रूप में खास विशेषज्ञों जैसे- वास्तुकार, से जल विद्युत विभाग ने विचार-विमर्श किया ।
  • घरों का निर्माण, सड़क, जलापूर्ति, विद्युतीकरण के लिए अनुमानित लागत संबंधित विभागों द्वारा हाइड्रो पावर विभाग के शुरूआत में तैयार किया गया ।
  • आर एंड आर योजना की निगरानी हेतु परियोजना में एक निगरानी समिति गठित की गई । दिनांक 16 जून 2011 को, उपायुक्त वेस्ट कामेंग जिला के चेम्बर में सूची को अंतिम रूप दिया गया ।
  • परियोजना प्रभावित लोगो के व्यावहारिक आवश्यकता, भूमि एवं स्थान को ध्यान में रखते हुए गाँव के बुनियादी ढांचा एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु नीपको के प्रस्ताव को संशोधित किया जाएगा ।
  • डीएचपीपी, अरुणाचल प्रदेश द्वारा आर एण्ड आर कार्यों को चलाया जा रहा है।
  • दोनों गांवों का साइट विकास का कार्य संपूरित किया गया । दोनों गांवों में पानी की आपूर्ति की गई है ।
  • अरूणाचल प्रदेश सरकार ने आर एण्ड आर कार्यों के लिए रूपये 38.39 करोड़ जारी किया है।

ख) पारे जल-विद्युत परियोजना (अरुणाचल प्रदेश) :

  • 38 स्थानांतरित घरों के लिए @150 वर्ग मीटर/(परियोजना प्रभावित लोगों के लिए) के हिसाब से भूमि।
  • घर भूखंडों के 25% नागरिक सुविधाओं का प्रावधान ।
  • घर भूखंडों के 25% बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान ।
  • पशु शेड के लिए रु. 3,000/ (परियोजना प्रभावित लोगों के लिए) राशि की वित्तीय सहायता का प्रावधान।
  • परिवहन के लिए रु.5000/- (परियोजना प्रभावित लोगों के लिए) राशि की वित्तीय सहायता।
  • सभी 38 परियोजना प्रभावित लोगों के लिए गृह निर्माण हेतु सिर्फ एक बार की वित्तीय सहायता।
  • स्थापित शेड/दुकानों के निर्माण हेतु रु. 10,000/- की वित्तीय सहायता।
  • निपटान साइट में बुनियादी सुविधाएं एवं ढांचागत सुविधाएं - आवास के लिए आर&आर साइट का योजना एवं विकास और इस तरह के अन्य नागरिक सुविधाएं जैसे सड़क, जल निकासी, पानी, बिजली, स्वच्छता आदि , सामुदायिक भवन की साफ-सफाई आदि का निर्माण, साफ-सफाई और सीवरेज, धार्मिक पूजा घर, पोस्ट ऑफिस, पंचायत घर, स्कूल, उचित मूल्य की दुकान, बाजार, पार्क एवं खेल का मैदान, पशु चिकित्सा सेवाएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नि: शुल्क उपचार और इस परियोजना में विस्थापितों के लिए दवा।

पारे जल-विद्युत परियोजना (अरुणाचल प्रदेश) के आर एण्ड आर गतिविधियों की स्थिति:

आर एण्ड आर योजना के कार्यान्वयन हेतु अरुणाचल प्रदेश सरकार पहले से ही पारे जल विद्युत परियोजना हेतु आवश्यक आर एण्ड आर समिति का गठन किया। आर एण्ड आर योजना के तहत, दिनांक 18 मार्च 2011 को परियोजना प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों ने डी.सी सोपों गावों में प्रस्तावित आदर्श गाँव निर्माण करने का अनुरोध किया। इसके बाद परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए, आदर्श गाँव की स्थापना हेतु प्रस्तावित क्षेत्र को व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए आर एण्ड आर समिति ने दिनांक 29 अप्रैल 2011 को सोपों गाँव का दौरा किया। दिनांक 1 जून 2012 में आदर्श गाँव के लिए अधिग्रहण भूमि, नीपको को जिला प्रशासन द्वारा दे दिया गया एवं दिनांक 27 अप्रैल, 2012 को आवश्यक भुगतान रु. 256,50457.00 की राशि निगम द्वारा जिला प्राधिकारी को भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियाँ के मुआवजे की दिशा में दी गई।

पारे जल विद्युत परियोजना के लिए, दोईमुख सर्किल के तहत अधिसूचित एवं अधिग्रहित भूमि पर सोपों गाँव में परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास योजना एवं पुनर्वास की स्थापना हेतु रु. 14.92 करोड़ की अनुमानित राशि का पत्र दिनांक 7 सितंबर, 2012 को डीसी, पापुमपारे जिला द्वारा प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद ही रु. 15.18 करोड़ की संशोधित अनुमानित राशि डीसी, पापुमपारे जिला द्वारा दिया गया।

आर एंड आर योजना पर कुल राशि = रुपये 18,04,97,238/ - या रुपये 18.05 करोड़ है।

मॉडल गाँव हेतु एप्रोच रोड का निर्माण, आंतरिक सड़कों, पार जल निकासी का काम, चारदीवारी, संरक्षण कार्य, आरसीसी स्पूर, स्कूल भवन, शिक्षकों के लिए गृह, बी/बैरक (स्कूल), मेडिकल इमारत, 35 नं. पुनर्वास कॉटेज, डॉक्टरों के लिए गृह, बी / बैरक (मेडिकल), बाजार शेड, पूजा स्थान, सामुदायिक भवन, मवेशी के लिए शेड, खेल का मैदान और एवेन्यू वृक्षारोपण का कार्य पूरा हो चुका है।

आर एण्ड आर मॉडल गाँव सभी तरह से पूरा हो चुका है और डिप्टी कमिश्नर, पापुम पारे जिले ने 28 अक्टूबर, 2015 को पत्र के अनुसार आवंटन आदेश जारी किया है।

ग) त्रिपुरा गैस आधारित विद्युत परियोजना (त्रिपुरा)

अतिरिक्त 6.73 एकड़ के सरकारी खास भूमि को अधिकरण करते हुए सभी 16 प्रभावित परिवारों को त्रिपुरा सरकार द्वारा पुनर्वास किया गया ।

घ) पैन्योर लोअर हाइड्रो पावर स्टेशन (पूर्व में रंगानदी हाइड्रो पावर स्टेशन) (अरुणाचल प्रदेश):

  • चुन एवं रब गांवों में रहने वाले 27 परिवारों को, पोटिन गाँव के नए विकसित पुनर्वास भूमि में विधिवत जल आपूर्ति के साथ स्थानांतरित कर दिया गया ।
  • पीएएफएस को आवश्यक विद्युतीकरण प्रदान किया गया है।
  • रब गाँव के 7 परिवारों को उनके अस्थायी स्थानांतरित घर के लिए सीजीआई शीट, ईएएम जल की आपूर्ति हेतु चुना गया एवं इसके पश्चात उन्हे प्रदान किया गया, जो वर्तमान एमची हप्पा में स्थित है ।
  • अरुणाचल प्रदेश के भूमि प्रभावित (प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप में )108 अनुसूचित जनजाति लोगों को निर्माण अवधि के दौरान (1989 से 1996) रोजगार दिया गया ।
  • आर&आर योजना रु. 83.173 लाख की लागत से लागू किया गया ।
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