कम्पनी की रूपरेखा
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन में नीपको एक विश्वसनीय कंपनी है तथा 1976 से परे विद्युत मंत्रालय एवं पूर्वोत्तर राज्यों के साथ इस क्षेत्र और देश में उपलब्ध प्रचूर विद्युत शक्यता का उनके हित में दोहन करने हेतु मिलकर कार्यरत है। मार्च,2020 प्रभावी तिथि से नीपको एनटीपीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
- भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे बड़ी जल-विद्युत संयंत्र का संचालन करते हैं।
- नीपको पूर्वोत्तर में एक मात्र सीपीएसयू है जो जल, ताप तथा सौर ऊर्जा संयंत्र का संचालन करता है।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्याधिक कठिन तथा भू-तकनीकी संवेदनशील इलाके में जल-विद्युत परियोजनाओं के निर्माण तथा संचालन में कुशल है।
विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विद्युत स्टेशनों की योजना, अन्वेषण, डिजाइन, निर्माण, उत्पादन, संचालन व रखरखाव के लिए 1976 में गठित नीपको को एक स्ड्यूल्ड “ए” – मिनी रत्न श्रेणी – I सीपीएसयू का दर्जा प्राप्त है एवं कुल अधिष्ठापित क्षमता 2057 मेगावाट के साथ यह 06 जल, 03 ताप तथा 01 सौर ऊर्जा स्टेशनों का परिचालन करता है। नीपको के पास 600 मेगावाट ( 4X 150 मेगावाट) की एक कामेंग जल-विद्युत परियोजना निमार्णाधीन है, यूनिट-। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 17.06.2020 के 00:00 बजे तथा यूनिट-।। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 01.07.2020 के 00:00 बजे से घोषित किया गया , यूनिट-।II (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 22.01.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया और यूनिट- IV (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 12.02.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया I
मेघालय की राजधानी शिलांग में इसका कॉरपोरेट कार्यालय स्थित है तथा नीपको, निर्माण और संचालन अनुभव से लबालब है एवं हमारी जन संसाधन पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डाले देश की विशाल विद्युत शक्यता का दोहन करने के लिए वचनवद्ध है।
ध्येय
दूरदर्शिता
पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए देश की एक सशक्त प्रमुख एकीकृत इलेक्ट्रिक पावर कंपनी बनाना ।
उद्देश्य
विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के योजनवद्ध विकास के माध्यम से पर्यावरण पर न्यूनतम पर्टिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक और गैर पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन, विद्युत परियोजनाओं के अन्वेषण, योजना, अभिकल्प, निर्माण, प्रचालन एवं रखरखाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत दृष्टिकोण से विद्युत उत्पादन परियोजनाओं का विकास करना, जिससे सम्पूर्ण राष्ट्र का विकास हो सके।
संगठित उद्देश्य
संगठित उद्देश्य
- जल/ताप/नवीकरणीय परियोजनाओं का विकास ।
- प्रतिष्ठापित क्षमता की इष्टतम उपयोगिता सुनिश्चित करने हेतु अधिकतम उत्पादन, इष्टतम यांत्रिक उपलब्धता एवं उच्च प्लांट भार कारक को प्राप्त करना ।
- लाभार्थियों से वकाया राशि की वसूली का पूरा प्रयास करना, ताकि विविध ऋण में कमी लाई जा सके ।
- विद्युत उत्पादन के लिए बेहतर तकनीकों को अपनाना ।
- के अनुरूप एकीकृत प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 9001, आईएसओ 14001 एवं आईएसओ 45001) को उन्नत करना ।
कारपोरेट कार्यालय
नीपको का कारपोरेट कार्यालय पूर्वोत्तर की जीवंत पहाड़ियों पर तथा मनमोहक हरित क्षेत्र शिलांग में स्थित है। यह कार्यालय लाइतुम्ख्रान-मॉवखार नामक पठार जिसका नामांकन ''पिथोर'' (खासी में धान का खेत) और इसके किनारे से बहने वाली नदी ''उम्ख्रां'' शब्दों से हुआ है, के तलहटी में स्थित है।
परिसर के एक तरफ आवासीय कालोनी और दूसरी तरफ राज्य खेल परिसर है। कम क्षेत्र होने के बावजूद परिसर में समुचित रूप से निगम मुख्यालय, आवासीय भवन और पर्याप्त पार्किग की व्यवस्था के साथ साथ यह हवादार भी है।
कारपोरेट कार्यालय का मानव संसाधन विविध संप्रदायों के 580 कर्मचारियों से युक्त है, जो हमारे परिवेश में संस्कृति के अनोखे मेल को दर्शाता है। कर्मचारियों की बौद्धिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कारपोरेट कार्यालय पुस्तकालय और सूचना केंद्र से सुसज्जित है।
