परिचय
असम के कछार जिले में कोपिली नदी पर निर्मित कोपिली जलविद्युत परियोजना जिसका शुभारम्भ 1976 में हुआ, नीपको की प्रथम जलविद्युत परियोजना है।
कोपिली तथा खांडोंग विद्युत केन्द्र
कोपिली जलविद्युत परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत दो जलाशय बनाने के लिए दो बाँध और एक डाईक का निर्माण किया गया है। एक कोपिली नदी पर और दूसरी उमरांग नदी पर जो कोपिली की उप नदी है। खांडोंग विद्युत केन्द्र में 50 मे.वा. (2 X 25 मे.वा.) बिजली उत्पादन करने हेतु 2852 मी. लम्बी सुरंग द्वारा कोपिली जलाशय के पानी का उपयोग किया जाता है। इस विद्युत केन्द्र के टेलवाटर को उमरांग जलाशय तक पहुँचाया जाता है। कोपिली विद्युत केन्द्र में 200 मे.वा. (4 X 50 मे.वा.) बिजली उत्पादन करने हेतु 5473 मी. लम्बी सुरंग द्वारा कोपिली जलाशय के पानी का उपयोग किया जाता है।
इस परियोजना के प्रथम चरण में कोपिली विद्युत केन्द्र में 50 मे.वा. यूनिट के दो अतिरिक्त यूनिट लगाने की परिकल्पना की गई है, जिसके लिए परियोजना के प्रथम चरण विकास के दौरान प्रावधान रखा गया था। इस विस्तार योजना के अंतर्गत यूनिट III और यूनिट IV को क्रमश: मार्च 1997 तथा जून 1997 में चालू किया गया। इस तरह कोपिली विद्युत केन्द्र की अधिष्ठापित क्षमता 200 मे.वा. तथा इस परियोजना की कुल क्षमता 250 मे.वा. हो गई। प्रथम चरण विस्तार के अंतर्गत 50 मे.वा. की दो अतिरिक्त यूनिटों के लिए आवश्यक जल उपलब्ध कराने हेतु उमरोंग जलाशय को 7.6 मी. ऊँचा किया गया।

खांडोंग चरण II विद्युत केन्द्र
कोपिली जलविद्युत परियोजना के द्वितीय चरण में 480 मी. लम्बी वॉटर कंडक्टर प्रणाली द्वारा 25 मे.वा. विद्युत का अतिरिक्त उत्पादन शामिल है, जिसके लिए खांडोग सुरंग में सर्ज शाफ्ट से बाईपास कॉंन्ड्यूट के रूप में प्रावधान रखा गया था। द्वितीय चरण के विद्युत केन्द्र से जल उमरांग जलाशय में जाएगा जिसका उपयोग कोपिली विद्युत केन्द्र में किया जाएगा।
200 मेगावाट कोपिली पावर स्टेशन और 50 मेगावाट खांडोंग पावर स्टेशन का आर एंड एम
200 मेगावाट कोपिली पावर स्टेशन का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण दिनांक 03.06.2024 को पूरा हो गया है। 90% डिपेन्डेबल ईयर में संशोधित वार्षिक डिजाइन ऊर्जा 993.8 मिलियन यूनिट है।
50 मेगावाट खांडोंग पावर स्टेशन का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण दिनांक 30.08.2025 को पूरा हो गया है। 90% डिपेन्डेबल ईयर में संशोधित वार्षिक डिजाइन ऊर्जा 217 मिलियन यूनिट है।