भोजन की बर्बादी रोकने हेतु जागरूकता कार्यक्रम 11.10.2023 को एजीबीपीएस,नीपको लिमिटेड बोकुलोनी में आयोजित
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की ओर से नए साल का संदेश संदेश देखें ![]()
दिनांक 08.05.2024 को आयोजित आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (एडब्ल्यूपीओ) सम्मेलन में श्री गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी लिमिटेड और नीपको एवं मेजर जनरल आर के झा, एवीएसएम** (सेवानिवृत्त), निदेशक (कार्मिक), नीपको। यह सम्मेलन, जिसमें सीओएएस जनरल मनोज पांडे और सेना के सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, भारत की विकास कहानी में अनुभवी सैनिकों की भूमिका के विषय पर चर्चा की गई।
मेजर जनरल राजेश कुमार झा, एवीएसएम** (सेवानिवृत्त), निदेशक (कार्मिक) ने 09.05.2024 को एनटीपीसी स्कूल ऑफ बिजनेस (एनएसबी) में पीजीडीएम पाठ्यक्रम कर रहे पीएसयू और विद्युत क्षेत्र के संगठनों के कामकाजी पेशेवरों को "बैटलफील्ड टू बोर्डरूम" पर एक व्याख्यान दिया। भारतीय सेना में अपने अनुभवों से प्रेरित होकर, युद्ध के मैदान पर सीखे गए पाठों के अन्वेषण और वे कॉर्पोरेट क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकते हैं इस संबंध में निदेशक (कार्मिक) ने प्रतिभागियों के साथ नेतृत्व की गहराई के माध्यम से अपनी यात्रा साझा की।
नीपको और एनटीपीसी लिमिटेड के पावर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (पीएमआई),प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 09.05.24 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में प्रवेश करके साथ आए। मेजर जनरल राजेश कुमार झा, एवीएसएम** (सेवानिवृत्त), निदेशक (कार्मिक) ने डॉ. दिगंता बोरा, उप महाप्रबंधक (मा.सं.) प्रभारी टी एंड डी, श्री एस.
श्री गुरदीप सिंह, सीएमडी, नीपको ने 15 जुलाई, 2016 को भारत सरकार के सचिव, श्री पी.के. पुजारी, ऊर्जा मंत्रालय के साथ एमओयू 2016-17 पर हस्ताक्षर किए।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, नीपको लिमिटेड के विभिन्न कार्यालयों/परियोजनाओं/स्थानों में 8 मार्च 2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
मेजर जनरल आरके झा, एवीएसएम**(सेवानिवृत्त) निदेशक (कार्मिक) ने 30.04.2024 को एनपीटीआई, फरीदाबाद में एनपीटीआई द्वारा आयोजित फाउंडेशन कोर्स के दौरान विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत सीपीएसई के कार्यपालक प्रशिक्षुओं के साथ वार्तालाप की।
कार्यक्रम में निदेशक (कार्मिक) द्वारा विद्युत पेशेवरों की तुलना सेना के सैनिकों से करते हुए "ऊर्जा योद्धा" नाम दिया गया था। उन्होंने एनपीटीआई में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय विद्युत क्षेत्र के प्रशिक्षुओं को कार्यस्थल पर सफल और खुशहाल पारी और उनके पेशेवर प्रयासों में संतुष्टि के मार्ग पर मार्गदर्शन किया।